Guilt Se Bahar Kaise Nikale l Guilt Se Kaise Nikale l Guilty Ko Kaise Chhudayen l Dr Kashika Jain

हेलो माय डियर वंस आज इस वीडियो में बात करने वाली हूं मैं गिल्ट के बारे में गिल्ट एक ऐसा नेगेटिव इमोशन है जो किसी भी इंसान को अंदर तक खोकला कर देता है वह इंसान इतना सेल्फ क्रिटिकल हो जाता है इतना उसका अपने प्रति हार्श बिहेवियर हो जाता है वह अपने आप को बहुत ही बुरी तरीके से ट्रीट करने लगता है और बहुत ही ज्यादा इमोशनल डिस्ट्रेस में रहने लगता है गिल्ट बिल्कुल दीमक की तरह धीरे धीरे खोकला करता रहता है तो जरा गिल्ट को हम समझते हैं कि क्यों कोई इंसान इतना गिल्टी फील करता है और कैसे गिल्ट से बाहर आया जा सके मैं आपको एक केस के एग्जांपल से समझाती हूं एक लड़की है अब उसको बहुत ज्यादा गिल्ट फील होता है अब उसके गिल्ट का कारण क्या था उसको क्या फील होता था उसके गिल्ट का य कारण है कि उसके पेरेंट्स ने उसको जिस तरीके से संस्कार दिए वह अपने पेरेंट्स के उन संस्कारों को उस तरीके से फॉलो नहीं कर पाई उसके पेरेंट्स ने उसको बताया कि बेटा कोई भी बात हो मां-बाप से सच बोलना चाहिए शेयर करना चाहिए अगर आपको कोई लड़का पसंद भी आता है तो ठीक है पसंद करने में कोई बुराई नहीं है लेकिन अपनी बाउंड्री सेट करके रखना अपनी बाउंड्रीज को क्रॉस कभी नहीं करना इस तरीके से उसके पेरेंट्स ने उसको यह सब सिखाया जो कि बहुत अच्छी बात है और हर पेरेंट ही चाहते हैं अपने बच्चों को सिखाना अब हुआ क्या कि उसने जो भी कुछ सीखा था अपने पेरेंट से जो उसके पेरेंट ने उसको मोरल वैल्यूज देने की कोशिश की थी व जैसे-जैसे बड़ी हो रही थी वैसे-वैसे वह मोरल वैल्यूज के अगेंस्ट उसका बिहेवियर होता जा रहा था उसका सर्कल इस तरीके का बन गया था कि जहां पर उसने स्मोक करना स्टार्ट कर दिया जहां पर उसकी बॉय से दोस्ती हुई तो उसके पेरेंट्स ने उसे लिमिट सेट करना बोला था कि आपको लिमिट सेट करनी है उसने वो लिमिट्स भी क्रॉस कर दी तो अब वो सिगरेट भी पीती थी उसने लड़के के साथ फिजिकल रिलेशन भी बना लिए थे इस तरीके से उसने जो बहुत कुछ इस तरीके से उसके अंदर वैल्यूज डाली गई थी जो उसको इस तरीके की अच्छी टीचिंग्स दी गई थी उसके अगेंस्ट जाकर उसने इस तरीके से कुछ किया अब शुरू में तो सब कुछ ठीक चलता रहा लेकिन उसकी इस आदत की वजह से और यह सब जो उसने किया जैसे स्मोकिंग की उसकी हैबिट थी तो उसकी वजह से उसके घर में थोड़े-थोड़े पेरेंट्स को शक होने लगा कि जब उसकी में कोई जाते थे तो वो अजीब सा उनको ऐसे स्मेल आती थी तो पूछते थे तो उसने कई बार छुपाने की कोशिश की लेकिन एक दो बार पेरेंट्स को पता चल गया कि हमारी बेटी इस तरीके से स्मोकिंग कर रही है तो पेरेंट्स ने डाटा फिर प्यार से भी समझाने की कोशिश की लेकिन वो लड़की नहीं मानी वो इस तरीके से बारबार बार बार वही सेम गलती रिपीट करती रही इसी तरीके से जो बॉयफ्रेंड था उसके साथ मल्टीपल टाइम्स फिजिकल रिलेशन बनाने के बाद अब क्या हुआ कि उस लड़के ने उसको चीट कर दिया उसको छोड़ दिया अब उसके अंदर यह सब चीजें बहुत ज्यादा इमोशनल डिस्कंफर्ट पैदा करने लगी उसकी स्मोकिंग की हैबिट बढ़ती जा रही थी और उसके बाद उसने ड्रिंक करना भी स्टार्ट कर दिया अपने सर्कल में इस तरीके से कि वह सब देखते हैं ना आजकल के बच्चे कि अगर आपको अपना गम कोई भुलाना हो तो स्मोक करो ड्रिंक करो इस तरीके से ये सब चीज देखते हैं तो वहां से उसकी ड्रिंक करनी भी स्टार्ट हो गई अब यह सब चीजें तो नुकसान देने वाली होती है उसे उसकी कंडीशन और खरा खराब होने लग गई तो जब उसकी कंडीशन तरीके से खराब होने लग गई तो घर वालों को भी कुछ पता चलना शुरू हो गया ये सब तो फिर एक दिन क्या हुआ कि वो बहुत ज्यादा वीक इमोशनल स्टेट में थी और वो बहुत जोर-जोर से अपनी मम्मी के सामने रोने लग गई अब जब मम्मी के सामने रोने लग गई तो मम्मी को समझते देर नहीं लगी कि कुछ तो बहुत बड़ी गड़बड़ है जिसकी वजह से इसकी हालत हो रही है और जो उनका शक था पहले से कि ये कुछ गलत आदतों में पड़ गई है वो सब और मजबूत हो गया खैर उन्होंने बहुत समझदारी से प्यार से काम लिया और बहुत समझदारी और प्यार से काम लेकर उन्होंने पूछा उससे कि हुआ क्या ना वो बहुत ज्यादा अग्रेसिव हुई कुछ नहीं उन्होंने आराम से पूछा उससे तो उसने खैर बता दिया कि सारी चीजें ऐसे ऐसे कि वो जो आपने सिखाया था उस सबके बावजूद भी मैंने यह गलतियां करी वो रोती जा रही है और बताती जा रही है रोती जा रही है और बताती जा रही है इस तरीके से उसने सब बता दिया कि ऐसे ऐसे वो मेरा बॉयफ्रेंड था उसके साथ यह रिलेशन बने वगैरह वगैरह पूरी डिटेल बता दी उसने अब मदर ने बड़े समझदारी से काम लिया बच्चे को मारने पीटने या कुछ भी ऐसे उसके साथ गलत व्यवहार करने की बजाय उन्होंने बल्कि उसको इस तरीके से संभालने की कोशिश करी कि चल जो भी हो गया कोई बात नहीं हमने सिखाया था बेटा फिर भी आपको जरूरी नहीं लगा फॉलो करना तो आपसे यह हो गया आप छोड़ो इसे भूल जाओ कोई बात नहीं मैं तेरे पापा को भी नहीं बताऊंगी अब मदर तो इतना अच्छा समझदारी से व्यवहार कर रही थी मदर के इतने जनरस बिहेवियर से कि मैंने इतना सब कुछ गलतियां करी है और जो मेरे को मोरल वैल्यूज दी गई थी सब कुछ मेरे पेरेंट्स ने इतना मुझे सपोर्ट किया हमेशा और मैं कैसी बेटी निकली मैंने क्या किया अपने मां-बाप के साथ इस तरीके से मां का अच्छा व्यवहार कि उसको डांटना नहीं मारना नहीं बल्कि उसको समझना कि अब जो हो गया सो हो गया आगे से लेकिन मदर ने थोड़ा सा स्ट्रिक्ट टोन में एक इस तरीके से बोला कि यह गलती बस रिपीट नहीं होने चाहिए बाकी तो मैं सब संभाल लूंगी तुम परेशान मत हो तो अब वह लड़की अंदर-अंदर खुद ही सोच सोच के बहुत परेशान जो भी उसने किया जो भी उस लड़के के साथ उसका रिलेशन था वो सब सोच सोच के उस के अंदर इतना ओवर थिंकिंग डेवलप हो गई और उससे उसके अंदर गिल्ट का इमोशन पैदा हो गया तो आप देख रहे हैं इस केस से हम किस तरीके से समझ रहे हैं कि कैसे गिल्ट पैदा हुआ चलिए अब एक और छोटा केस बताती हूं मैं यह एक लड़का है इसको बहुत ज्यादा गिल्ट है अब यह गिल्ट कैसे है इसको अब इसको जब यह छोटा था तो इससे अपने घर में बहुत ज्यादा लड़ाई झगड़े और सब वही घर के कलेज देखे इस तरीके से तो बड़ा होता रहा लड़ाई झगड़े कलेश सब देखता रहा घर वालों के बहुत सारी ऐसी नीड्स थी इसकी इमोशनल नीड्स जो पूरी नहीं हो पाई वो स्रेस होती रही और होते-होते इस तरीके से अब ये 20 साल का हो गया तो उसकी इमोशनल नीड्स का सप्रे इसको लगता था बीच-बीच में बहुत बार इसको रिलाइज होता था कि तेरे घर के हालात ठीक नहीं है मां-बाप का इतना कोई सपोर्ट नहीं मिलेगा तो आपस में लड़ते झगड़ते रहते हैं कि बहुत कुछ करना है मतलब इसको उस टाइम पर अवेयरनेस थी और लोगों को देखकर या एक दो दोस्त भी थे वो बोलते भी थे कि यार तू अपना जुगाड़ दे कुछ भी तेरे मां-बाप को तो कुछ भरोसा नहीं हर सेय लड़ते रहते हैं तो उसको अवेयरनेस थी लेकिन यह अपने आप को संभाल ही नहीं पाया उस टाइम पर और फिर ये क्या था कि इमोशनल होकर घंटों घंटों इधर उधर दोस्तों के साथ टाइम वेस्ट कर देना बैठे-बैठे सोचते रह जाना मतलब पता होते हुए भी कुछ करना नहीं उसके लिए ऐसे करते करते समय बीतता चला गया और जैसे जैसे समय बीतता चला गया अब आप अपने जो गोल्स है उससे बहुत दूर होते चले जाते हो आपकी उम्र बढ़ती है तो लोगों की एक्सपेक्टेशन भी आपसे बढ़ती है तो फिर जो आपके रिलेटिव्स होते हैं और लोग होते हैं वह भी अपना अपना ओपिनियन फीडबैक के रूप में देना शुरू कर देते हैं तो ऐसे ही इसके साथ हुआ कि इसके रिश्तेदारों ने कहना शुरू कर दिया कि अब यह जब यह 22 साल का था तो 22 साल का हो गया है इतना बड़ा हो गया है कुछ नहीं कर रहा है जैसे इसके मां-बाप की हालत रही ऐसे इसकी भी हालत रहेगी मतलब दूसरों ने भी इस तरीके से बार-बार बारबार इसको फील कराना शुरू कर दिया अब इसका खुद का भी सेल्फ रिलाइज मोड स्टार्ट हो गया इसको भी यह होने लगा अरे यार मेरी उम्र मैंने 22 साल कर ली और अभी तक मैंने कुछ नहीं किया तो वो अपना भी खुद का रिलाइजेशन और बार-बार जो कहीं ना कहीं से रिलेटिव से फ्रेंड से इस तरीके के सजेशंस मिल रहे थे और कंपैरिजन चालू हो गया दूसरों को क्योंकि 22 साल की उम्र तक इसके बाकी दोस्त सब अपनी करियर प्लानिंग कर चुके थे पड़ बड़ रहे थे कुछ ना कुछ कहीं ना कहीं किसी फील्ड में अच्छी तरीके से कॉन्फिडेंस के साथ कि हमें यही करना है एंगेज हो गए थे लेकिन यह कुछ डिसाइड नहीं कर पा रहा था आखिर क्या करना है फैमिली सपोर्ट था भी और नहीं भी था मतलब पार्शल ऐसा था कि किसी चीज में मिल जाता था किसी में नहीं किसम मिलेगा और किसम नहीं मिलेगा ऐसा कुछ कंफर्म नहीं रहता था और ऊपर से पेरेंट्स के लगातार झगड़े देखता आया ही था एक ही बेटा था अपने मां-बाप का क्योंकि मां-बाप में शुरुआत से इतना झगड़ा था तो उस चक्कर में उन्होंने और कोई दूसरा बच्चा प्लान ही नहीं किया और इस तरीके से यह 22 साल की उम्र तक आते-आते बहुत ज्यादा गिल्ट पकड़ लिया इसने इसने इस चीज को कि मैंने ना जो भी कुछ अवेयरनेस थी उसका कभी इस्तेमाल नहीं करा मुझे सब पता था कि मुझे क्या करना चाहिए ऐसे हालातों में क्या करने से मेरा जीवन अच्छा होगा लेकिन मैंने किया नहीं अपने आप को बहुत ज्यादा कोसना अपने आपको को बिल्कुल गाली का लज तू यूजलेस है साले तू ये है वो मतलब अब्यूड़ोस में लेकिन उसने मुझे बताया कि मैम मैं अपने आपको को इतनी गंदी गंदी गालियां भी देता हूं अपने आप को थप्पड़ थप्पड़ बजाता हूं बहुत बरी तरीके से बहुत रोना आता है मुझे मतलब इतना मारता हूं मैं अपने आप को कि कई बार तो मेरा गाल पूरी तरीके से दुखने लग जाता है वो गिल्ट के इमोशन की वजह से इस तरीके से य अपने आप को ट्रीट करा है तो ऐसे ही तमाम एग्जांपल्स है लेकिन मैंने आपको दो एग्जांपल से आईडिया लगाया कि क्या होता है इंसान के साथ जब वो बहुत गिल्ट फील कर रहा होता है चलिए एक छोटा सा और बता देती हूं कि एक पसन थे उनकी मदर की बहुत तबीयत खराब हो गई अब जब उनकी मदर की तबीयत खराब हुई तो जो भी उनकी उस समझ की समय की जो समझदारी थी जो भी उनके रिसोर्सेस थे उसके हिसाब से उन्होंने इलाज कराने की कोशिश करी अब क्योंकि वो भी काम करते थे अपनी नौकरी में व्यस्त थे तो मदर को उतना टाइम नहीं दे पाए जितना कि कोई हर समय घर में रहने वाला इंसान दे सकता है तो खैर इलाज करा रहे थे सब कुछ कर रहे थे लेकिन हुआ क्या कि उनकी मदर ठीक नहीं हो पाई उनकी मदर की डेथ हो गई अब उनकी मदर की डेथ हो गई तो कुछ सो कॉल्ड रिलेटिव आ गए अब उन्होंने जो है ना बोला कि अरे वहां दिखा लेते तो बच जाती वहां के डॉक्टर बहुत बढ़िया थे यह था वो था ये कर चाहिए था ऐसे सोचना चाहिए था मतलब उन्होंने ऐसा कह कह के उनके अंदर वह गिल्ट पैदा कर दिया कि जैसे कि उन्होंने अपनी मां का ध्यान नहीं रखा और उनकी लापरवाही की वजह से मां मर गई तो कई बार गिल्ट हम खुद ऐसे अपने आप को सोचकर सेल्फ क्रिटिकल होकर नहीं सेल्फ रिलाइजेशन की वजह से नहीं दूसरों की वजह से भी कई बार हम गिल्ट के इमोशन को इतना फील करने लगते हैं वो हमें धक्का देते हैं उसमें सो खैर गिल्ट का जो इमोशन है वो बहुत ही नेगेटिव इंटेंस इमोशन है जब कोई इंसान गिल्ट जन में होता है तो बहुत ज्यादा उसे तकलीफ महसूस होती है तो ये दो-तीन एग्जांपल से हमें समझ में आ रहा है कि गिल्ट में एक पर्सन कैसा हो जाता है ना अब जैसे वो लड़की थी उसको इतना ज्यादा डिप्रेशन हो गया इतना ओवरथिंकिंग हर समय गिल्ट में रहना वो जो लड़का था उसको भी डिप्रेशन हो गया यह थे यह भी डिप्रेशन में चले गए बार-बार बारबार वही पास्ट की बातें सोचते रहना तो कोई भी पर्सन जब डिप्रेशन में होता है तो उसका पास्ट उस पर इतना हावी हो जाता है कि यह क्यों हुआ यह क्यों नहीं किया ऐसा कर लेना चाहिए था वैसा कर लेना चाहिए था मैंने गलत किया मतलब उसको अपने आप को मतलब एक्सेप्ट करने में दिक्कत आती है वह अपने आप से एक तरीके से चिड़ने लगता है नफरत सी करने लग जाता है ऐसा एक इंसान के साथ होता है जब वह गिल्ट जोन में होता है अब क्या करें गिल से बाहर आने के लिए तो आपको सबसे पहले तो यह समझना है कि जिस वक्त हमें जितनी अवेयरनेस होती है समझ होती है जितना हमारे पास रिसोर्सेस होते हैं जितना हमारे अंदर का सिस्टम में एक प्रॉपर कनेक्शन होता है उतना ही हम उस मोमेंट में कर पाते हैं अब हमें बहुत सारी चीजें सिखाई गई होती है जैसे उस लड़की को सिखाई गई थी उसके मां बाप ने अच्छी बातें सिखाई थी हमें कई बार पता होता है जैसे उस लड़की को पता था कि तुम्हारे घर के हालात ऐसे हैं तुम्हें ही अपना कुछ अच्छे से करना है जैसे इन सज्जन के माता जीी का जब इन्होंने इलाज कराया तो तो इनके पास जो भी रिसोर्सेस थे एक पॉजिटिव इंटेंशन के साथ ये वो सब कुछ कर रहे थे तो हमारे पास जितने रिसोर्सेस होते हैं हमारे पास जो अवेयरनेस होती है हमारे पास जो भी हमारी टीचिंग्स हमें मिलती है मोरल वैल्यूज वगैरह सब कुछ होती है वो कई बार सब कुछ होते हुए भी हम उस हिसाब से चल नहीं पाते हम अपने रिसोर्सेस का बेस्ट यूटिलाइजेशन कर नहीं पाते क्योंकि हम ह्यूमंस की कुछ लिमिटेशन होती है जैसे हम एनवायरमेंट से इन्फ्लुएंस हो जाते हैं खास तौर से जो यंगस्टर्स हैं हमारा यूथ है वो क्या है वो यही है कि एनवायरमेंट से बहुत जल्दी इन्फ्लुएंस हो जाता है क्योंकि जब बच्चे टीनएज में आते हैं सो उनके अंदर इतने हार्मोस ऊपर नीचे होते रहते हैं कंफ्यूज स्टेट में होते हैं बस जो भी कुछ उन्हें फिल्मों में दिखाया जा रहा है वेब सीरीज में सोशल मीडिया प जो देखते हैं जो उनके दोस्त कर रहे होते हैं वो उनको ज्यादा फैसटिकट पेरेंट्स उस टाइम पर उनको वैल्यूज दे रहे होते हैं उन्हे ऐसा लग रहा होता है कि जैसे पता नहीं क्या यह वैल्यूज जो है यह सारी अच्छी बातें जो हैं ये एक सर्टेन एज के बाद सोचने वाली बात है जैसे पहले एक वो था ना बिलीव कि यह मेडिटेशन वगैरह तो बूढ़े लोगों के लिए है ऐसे ही इस तरीके से जो भी ये सारी अच्छी बातें हैं ये हम यंगस्टर्स के लिए नहीं यही तो उम्र है क्योंकि गाने भी ऐसे बनते हैं ना यही तो उम्र है कर ले गलती से मिस्टेक तो अब क्या है अब देख रहा है वो कोई अपने रोल मॉडल को सुट्टा लगाते हुए देख रहा है कि यर्स करें को खुशी सेलिब्रेट कर रहे हैं तो वो दारू पी रहे हैं इस तरीके से मां-बाप को झूठ बोलना बहुत नॉर्मल सी बात है सारे गाने ऐसे बन रहे हैं ना कि चाहे वो अब करूंगा तेरे साथ गंदी बात या कोई भी जो है ना कि बेबी मुझे रात को घर प बुला लो गाने भी मुझे तो एगजैक्टली याद नहीं रहते बट इस टाइप के इतने वाहियात गाने भी बनते हैं वो यंगस्टर्स के जो है ना दिमाग में क्या होता है पूरा छप जाते हैं क्योंकि इसमें ऐसा पिक्चराइजेशन होता है इस तरीके के इमोशंस को कनेक्ट करने के सारा मटेरियल डाल देते हैं उसमें वो बार-बार बार बार जब एक पूरा साउंड आप रिपीटेशन से कोई चीज ऐसी सुनते हैं तो उससे बड़ा एक नेगेटिव बच्चों के मन पर प्रभाव पड़ता है फिर सारा का सारा कहते हैं ना आवा का आवा ही खराब है सारे के सारे इस तरीके से ही बहुत ही अपने आप को हाईफाई और अपने आप को इस तरीके से दिखाने के लिए क्या होता है कि वो जो एज आपकी जिंदगी बनाने वाली होती है आपकी फाउंडेशन तैयार हो रही होती है उसमें उसमें बहुत सारी ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिसकी वजह से वो बिल्डिंग अच्छी तरीके से बन नहीं पाती है तो वहां पर वोह कंफ्यूज स्टेट में जब आप होते हैं तो उस कंफ्यूजन का फायदा उठाने वाले लोग बहुत होते हैं तो हमें क्या है यह समझना है कि यह सबके साथ होता है किसी के साथ कम तो किसी के साथ ज्यादा तो अपने आप को गिल्ट सोन से बाहर निकालने के लिए हमें समझना है कि बस हमें इस चीज के लिए अटेंट रहना होता है क्योंकि अगर आप अवेयर हो लेकिन अगर आप अटेंट नहीं हो वहां पर आपने अपने गार्ड्स ऑन नहीं कर रखे हैं तो पता होते हुए भी आप गलती कर जाओगे तो यह कुछ एजुकेशन की भी कमी है जहां पर इन सब चीजों के ऊपर फोकस नहीं किया जाता बताया नहीं जाता कि क्या गलत है और किस तरीके से हमारा माइंड हमारे साथ खेल जाता है या फिर जितना भी हमारे आसपास इंफॉर्मेशन अवेलेबल है जो मटेरियल अवेलेबल है उससे हम किस तरीके से मिसगाइड हो सकते हैं तो उसकी अवेयरनेस ना होने की वजह से हमारे घर वाले जो हमें कहते हैं वह हमें बिल्कुल ऐसा लगता है कि जैसे वह हमें बांधना चाह रहे हैं जबकि ऐसा होता तो है नहीं कि वह हमें बांधना चाह रहे हैं व हमें राइट डायरेक्शन देना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने हमसे ज्यादा साल जिंदगी जी होती है उनके पास ज्यादा अनुभव होते हैं लेकिन क्या होता है कि जब कोई हमें दूसरा समझा रहा होता है तो हम उनकी बातों को समझने की बजाय बस अपनी मनमर्जी में चलना चाहते हैं तो अपने आप को गिल्ट से आजाद करने के लिए पहले समझिए कि हमारे को जो भी मोरल वैल्यूज और यह सब चीजें दी जाती है व दी जाती है हमारे भले के लिए लेकिन फिर भी अगर हम उनको बोझ मानने लग जाते हैं हम उनको फॉलो करने की बजाय उन्हें पिछड़ी सोच वाला बताने लग जाते हैं जिन्होंने हमें मोरल वैल्यूज दिए है तो हमें उनकी बातों पर यकीन आने की बजाय उनसे एक डिस्टेंस क्रिएट करने का मन करता है और वहीं से सारी गड़बड़ शुरू हो जाती है तो वहां से जो गड़बड़ शुरू ही उसके कई सारे रीजंस है वो रीजन यह है कि आपने पहले तो अपने ट्रस्टेड लोगों की बात नहीं सुनी दूसरा आपने अपने अंदर आए हुए उस एज के चेंजेज को पहचाना नहीं समझा नहीं तीसरा आपकी जो अवेयरनेस थी आपने उस अवेयरनेस के प्रति अटेंट होकर अपने गार्ड्स ऑन नहीं किए उस वक्त चौथा जब आपको बीच-बीच में रिलाइज हो रहा था कि आप रंग डायरेक्शन में जा रहे हैं आप तब भी अपने आप को रोकने से रुक गए इसके बाद जब आपको यह रिलाइज हुआ कि यह गलती हो गई मेरा यह सब कुछ बिगड़ गया उसके बाद जो आपने और बड़ी गलती करी वह यह जो गलती हुई उसको एक्सेप्ट करने की बजाय आपने आपको दोष देना शुरू कर दिया ओवरथिंक करना शुरू कर दिया उसके बारे में अपने आपको को दोष देते रहोगे ओवरथिंक करते रहोगे तो इससे पास तो बदलेगा नहीं बल्कि यह गिल्ट का इमोशन बहुत बढ़ जाएगा तो गिल्ट का इमोशन जो है व बाय प्रोडक्ट है इससे पहले जो मैंने स्टेप्स बताए हैं उसके अब आप यहीं पर ही है ना गिल्ट के मोशन में फंस गए हैं तो आपको इसे रिलीज करने के लिए अंडरस्टैंड करना पड़ेगा कि एक ही तरीका है और वह यह है एक्सेप्टेंस एंड फॉरगिवन आपको एक्सेप्ट करना पड़ेगा कि जो हो गया जिस भी बात का आपको गिल्ट है आप अवेयर थे आप अन अवेयर थे आपने जो भी गलतियां करी कुछ भी लेकिन वो हो गया अब अपने आप को दोष देने की बजाय आप अपने अपने आप को स्वीकारें कि मेरी अपनी लिमिटेशन थी या तो मेरे पास नॉलेज की कमी थी या चलो थी भी नॉलेज तो मैं इन्फ्लुएंस हो गया था और उसकी वजह से मैंने जो मेरे पास था मेरा अपना विजडम उसका इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि अगर आपके पास कुछ है और आप उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं तो वो होना ना होना उसका एक ही बराबर है तो अपने आप को माफ कर दें एक्सेप्ट करें अपने आप को ये रियलिटी को एक्सेप्ट करें कि जो हो गया है उसे बदला नहीं जा सकता उसे स्वीकार किया जा सकता है और अपने पास्ट को रिव्यू करें एक पेपर और पेन लेकर बैठे और उस पर सब जब आप रीकैप कर रहे हो उसका पूरा देख रहे हो कि कैसे कैसे एक के बाद एक के बाद घटना होती चली गई किस तरीके से आप मिसगाइडेड होते चले गए किस तरीके से आपने अवेयरनेस होने के बावजूद भी अपने आप को क्यों नहीं संभाला ऐसा क्या के वक पॉइंट्स थे जब आप सब कुछ इतना डिटेल में रिव्यू करेंगे तो आपके पास लर्निंग आएगी और वह लर्निंग आपको आगे वही सेम गलती करने से रोक लेगी यानी कि आपके अंदर एक ऐसा आपका साथी तैयार हो जाएगा उस लर्निंग के रूप में जो फिर कभी जो आपके आसपास के एनवायरमेंट है सोशल मीडिया की दुनिया है जो आपके पियर्स जो भी आपके है ना आसपास रिलेटिव्स और भी कुछ लोग ऐसे कर रहे होते हैं उनसे हम इन्फ्लुएंस हो जाते हैं क्योंकि सबके हालात अलग-अलग होते हैं हम उस ऊपर ऊपर से देखकर अपने आपको को बस उसमें फिट करने में लग जाते हैं तो आपको ना एक अवेयरनेस आएगी आपके आसपास का एनवायरमेंट से जो भी आप अफेक्ट होते थे आप अफेक्ट होना बंद हो जाएंगे जो आपके पास अवेयरनेस है उसका यूटिलाइज आप करना सीख जाएंगे कि हां मेरे लिए क्या सही है और समय रहते ही अगर हम कोई काम कर लेते हैं तो उसके हमें पॉजिटिव रिजल्ट्स मिलते हैं और अगर हम यह सोचते हैं कि हो जाएगा हो जाएगा अभी तो ऐश करने की उम्र है अभी तो जो है ना सब कुछ जिंदगी में क्योंकि हमें छोटी उम्र में मिल रहा होता है ना आराम से हमारे पास पेरेंट्स का साया होता है हम इंडिया में रहते हैं तो इंडिया में तो 25 साल का 30 साल का 40 साल का भी मेरा बच्चा उसको रोटी पानी दे दिया जाता है बिल्कुल उसको कभी ऐसे इंडिपेंडेंट बनने के लिए बचपन से कोई ऐसी स्किल्स ट्रेनिंग उसको अवेयरनेस साइकोलॉजिकल जो नॉलेज है वह सब एब्सेंट रहती है तो ऐसा बहुत लोगों के साथ ऐसा हो जाता है तो उस पास्ट को जब रिव्यू करें आप तो वहां पर यह सब चीजें समझे और लर्निंग ले वह लर्निंग आपके अंदर आपका एक ऐसा रूप डेवलप कर लेगी जो फिर से जीवन में इस तरीके की गलती करने से आपको बचा लेगी अब वो लर्निंग आपने ले ली अपने पास से तो पास्ट से लर्निंग लेने के बाद आप वहां जो गिल्ट का इमोशन लिए बैठे हैं तो देखें कि वो गिल्ट आपको बॉडी में कहां फील होता है तो बॉडी में उस गिल्ट की लोकेशन को ढूंढे क्योंकि वो एक फीलिंग है तो बॉडी में भी कहीं ना कहीं फील होती है तो आप बॉडी में उसकी लोकेशन देखें फिर देखें कि वह किस तरह से आपको फील होती है आप डिफाइन करें अपने आप को फिर देखें कि आपके साइकोलॉजिकल लेवल पर वो गिल्ट कैसे फील होता है क्या आपके इंटरनल डायलॉग्स है आप अपने आप को कोस रहे हैं तू बेकार है नकारा है तुझे जीने का अधिकार नहीं है तूने अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली तू बहुत ही बुरा इंसान है क्या चलता है आपके अंदर क्या इंटरनल डायलॉग्स हैं आपके व आवाज कितनी फर्म कितनी लाउड है क्या है आप ही की आवाज है या उसमें और लोगों की भी आवाज है कि कोई और भी आपको बार-बार ही एहसास दिला रहा है हो सकता है वह आपके मां-बाप हो हो सकता है आपका कोई रिश्तेदार हो दोस्त हो हो सकता है वो आवाज किसी वीडियो में से हो कि वहां पर कुछ इस तरीके से आपने देखा कुछ कंपैरिजन और उससे लग रहा है कि आपको जो है ना आप बिल्कुल बेकार हैं नाकार है और आपका गिल्ट पैदा हुआ तो अब देखें कि आपके अंदर वो क्या है जो चल रहा है विचारों के स्तर पर तो जब आप यह देखेंगे कि वो जो गिल्ट का इमोशन है वो बॉडी में कहां फील होता है उसके साथ क्या इंटरनल डायलॉग एसोसिएटेड है और क्या आपकी तस्वीर अगर आप खुली या बंद आंखों से देखते हैं तो आपकी गिल्ट की क्या इमेज मतलब एक इमेज भी हो सकती है मल्टीपल इमेजेस भी हो सकती है कोई पर्टिकुलर सीन कोई इवेंट्स आप आपके दिमाग में स्टक कर गए हैं उसे आप समझे जितना आप डिटेल में इस तरीके से समझते हैं कि गिल्ट की फीलिंग आपके अंदर बैठी हुई कैसे है जितना समझेंगे उतना जल्दी उसे रिलीज कर पाएंगे तो जब आप यह समझ रहे हैं तो यह भी समझे कि केवल एक ही इमोशन है गिल्ट का या इससे एसोसिएटेड और भी इमोशंस के लेयर है जब इतनी क्लेरिटी से आप पेपर पे लिख लेंगे लर्निंग ले ली आपने अब लर्निंग तो ले ली लेकिन यह जो गले पड़ा हुआ गिल्ट का इमोशन इसे भी तो रिलीज करना है तो इसे रिलीज करने के लिए इतनी सारी डिटेल को एक्सेस करकर आपको क्लेरिटी हो जाएगी फिर आपको एक्सेप्टेंस करनी है ना तो आपको एक्सेप्टेंस कैसे करेंगे बोलकर ही तो करेंगे अपने इंटरनल डायलॉग चेक करके चेंज करके तो अपने इंटरनल डायलॉग जब आप चेंज करेंगे तो कैसे करें उसे कि पास्ट में माना मुझसे बहुत सारी गलतियां हुई हैं जिसकी वजह से आज मैं इस गिल्ट को अपने अंदर महसूस कर रहा हूं लेकिन अब मैं इस गिल्ट को रिलीज करने के लिए तैयार हूं क्योंकि मैंने पास्ट से लर्निंग ले ली है और मैं कमिटेड हूं कि अब जो लर्निंग मैंने ली है उस लर्निंग का यूज करकर मैं अपने प्रेजेंट को और अपने फ्यूचर को एक अच्छी तरीके से जैसा मैं चाहता हूं वैसे डिजाइन करने के लिए तैयार हूं मैं अपनी सारी गलतियों को स्वीकार करकर खुद को माफ करता हूं मैं जानता हूं कि हम सबके साथ ऐसा होता है कि हमें कई बार बहुत कुछ पता होता है लेकिन उसके बावजूद भी हमसे कुछ गलतियां हो जाती हैं और मैं ह्यूमंस के इस लिमिटेशन को एक्सेप्ट करता हूं और अपने आप को माफ करता हूं मैं अपने पास्ट के साथ अब पीसफुल हूं सारा फोकस प्रेजेंट पर लगाने के लिए तैयार हूं प्रेजेंट अवेयरनेस से पास्ट की लर्निंग से मैं अब अपना बेस्ट देने के लिए तैयार हं मुझे खुद पर पूरा भरोसा है कि मैं अपनी स्किल से अपनी कैपेबिलिटीज के जरिए अपने आज और आने वाले भविष्य को और अपने ही नहीं अपने परिवार को भी सुरक्षा देने वाला एक सक्सेसफुल इंसान बन सकता हूं और खुद पर भरोसा करकर मैं अपनी इस नई जर्नी को आज स्टार्ट कर रहा हूं मैं कमिटेड हूं मैं यह कर दिखाऊंगा मुझे खुद पर पूरा भरोसा है इस दुनिया में अनेकों लोगों ने अपने अंदर के गिल्ट को रिलीज करकर नई शुरुआत की और उन्होंने लाइफ में बाउंस बैक किया है जैसा वह कर कर दिखा चुके हैं वैसा मैं भी कर कर दिखाने के लिए कमिटेड हूं मुझे खुद पर भरोसा है मैं ऐसा कर सकता हूं सो आप जब इस तरीके के इंटरनल डायलॉग्स अब आप अपनी अपनी सिचुएशन के हिसाब से कस्टमाइज कर लीजिएगा जैसे मान लीजिए किसी को इसी बात का गिल्ट है कि जैसे उन सज्जन का एग्जांपल दे देती हूं कि जिनके की माता जी नहीं रही थी तो अब वो कैसे इंटरनल डायलॉग्स डिजाइन कर सकते हैं इसी तरीके से कि मैंने अपनी मम्मी की इलाज में अपना बेस्ट दिया जो उस वक्त के मेरे रिसोर्सेस थे जितनी मेरी समझ थी उसके हिसाब से मैंने उन्हें बचाने की पूरी पूरी कोशिश की अब मम्मी चली गई है और मुझे खुद पर पूरा भरोसा है कि उस वक्त जो मैंने किया मैंने सब पॉजिटिव इंटेंशन से किया और मेरी इंटेंशन यही थी कि मेरी मां बचे लेकिन फिर भी ईश्वर की ऐसी ही इच्छा थी मैं इसे स्वीकार हूं साथ ही साथ जो मेरे रिलेटिव्स ने मुझे बोला उससे मैंने एक लर्निंग और ले ली है कि कई बार अपने जो बीमार परिवार वाले होते हैं उनकी और अच्छी केयर करने के लिए कई बार दो तीन अलग-अलग डॉक्टर से भी ओपिनियन लिया जा सकता है आगे कभी मेरे किसी भी अपने को इस तरह की कोई जरूरत होगी तो मैं एक के साथ सा साथ और दो तीन ओपिनियन लेकर इस बात की और शरिंग करूंगा कि जो भी मेरे अपने को इलाज मिल रहा है वह बेस्ट मिल रहा है मैं अपने आपको को अब इस गिल्ड से फ्री करता हूं तो आप इस तरीके से यू नो लाइक जिसकी जैसी वो कस्टमाइज करना लेकिन इंटरनल डायलॉग चेंज करने जरूरी है और जब आप ये इंटरनल डायलॉग चेंज कर रहे हो तो जहां पर आपके वो गिल्ट रखा है मान लीजिए आपके सीने पही रखा हुआ है ठीक है तो आप ऐसे इमेजिन करें आंख बंद कर कर कि आपके सामने वह आपकी गिल्ट वाली इमेज है आपका चेहरा लटका हुआ है सीने में भारीपन अगर गिल्ट के रूप में महसूस होता है जहां पर भी महसूस हो रहा है जैसे भी तो आप जैसे इंटरनल डायलॉग चेंज कर रहे हैं तो जैसे-जैसे आप इंटरनल डायलॉग चेंज कर रहे हैं तो आपके अंदर से वो फीलिंग्लेस हो रही है और वो फीलिंग्लेस हो रही है तो उनको रिप्लेस करके जो फीलिंग आप चाहते हैं जैसे आप चाहते हैं कंफर्ट तो वो कंफर्ट आ रहा है रिलैक्सेशन चाहते हैं तो रिलैक्सेशन आ रहा है और आपका जो बुझा हुआ लटका हुआ चेहरा था उदास चेहरा था वो अब धीरे-धीरे नॉर्मल हो रहा है जैसे-जैसे आप इंटरनल डायलॉग्स पॉजिटिविटी के साथ कॉन्फिडेंस के साथ चेंज कर रहे हैं वैसे-वैसे वो फीलिंग्लेस चेहरे पर स्माइल आ रही है तो जब आप ये जस्ट इमेजिनेशन में इस तरीके से करते हैं तो आप देखेंगे कि आप पास्ट के साथ बिल्कुल पीसफुल हो जाएंगे आप पीसफुल एक्चुअली महसूस करेंगे आपके अंदर के इंटरनल डायलॉग्स चेंज हो चुके होंगे और आप उस गिल्ट को जो पकड़ा हुए आप बैठे हैं जिससे आपकी जिंदगी खराब हो रही है सुधर तो कुछ रहा नहीं है आज भी बिगाड़ रहे हैं जो गलती पहले से करते हैं वो फिर से दूसरे रूप में कर रहे हैं और अपना आज और भविष्य भी खराब कर रहे हैं तो इस छोटी सी मेंटल प्रैक्टिस से जब आप पूरे विश्वास के साथ ये करेंगे तो आप देखेंगे कि गिल्ट की फीलिंग रिलीज हो जाएंगी आपके इंटरनल डायलॉग रिप्लेस हो जाएंगे आपकी जो इमेज आपके अंदर वो गिल्ट वाली बुझी हुई सेट हो गई है वो रिप्लेस हो जाएगी और आप अपने गिल्ट से बाहर आ जाएंगे और दो काम और करने हैं एक हमेशा याद रखिए कि अपने आप को अपनी गलतियों के लिए कोसने की बजाय है उससे लर्निंग लेकर आगे बढ़े हमेशा याद रखें बाद में किसी चीज के लिए इस तरीके से गिल्ट पालकर अपने आप को सताने से अच्छा है जिस वक्त आपको अवेयरनेस है उसी वक्त अपने आप को बदलने के बेस्ट एफर्ट्स डालें खुद नहीं बदल सकते हैं किसी अपने की या प्रोफेशनल की मदद ले दूसरी हमेशा याद रखिएगा कि दूसरे लोग अगर आपको अपनी बातों से गिल्ट फील कराने की कोशिश कर रहे हैं तो समझ जाइए अवेयर हो जाइए और दूसरों की बातों से जबरदस्ती क्योंकि यह मुंह चलाने वाले ना बाद में आ जाते हैं इनके बस की बस्की तो कुछ होता नहीं है लेकिन यह अपनी होशियारी ड़कर आपको गिल्ट जोन में जरूर डालना चाहते हैं तो ऐसा अगर कोई भी इंसान आपको किसी भी चीज के लिए तु मैं ऐसा नहीं करना चाहिता वैसा नहीं करना चाहिए था गिल्ट फील करा रहा है तो उसको वहीं पर शट अप कर दें कि जिस वक्त मेरे अंदर जितनी समझ थी मैंने उतना किया अगर आपको इतनी कंसर्न थी तो आप उस वक्त भी आप मुझे गाइड कर सकते थे मतलब उन्हें इमीडिएट शट अप कर दे क्योंकि वो लोग क्या करते हैं आपके अंदर अननेसेसरी का गिल्ट पैदा करते हैं हमेशा अपने आपको को बताएं कि मैं अपने पास्ट के साथ पीसफुल हूं जैसे ही वो मोमेंट जाए तो अपने आप को एक मैसेज दे मैं पास्ट के साथ पीसफुल हूं प्रेजेंट में खुश हूं फ्यूचर को लेकर सेफ फील करता हूं इस तरीके से आप जो एसिस्टिंग गिल्ट की फीलिंग है उसे रिलीज कर देंगे और आगे गिल्ट के चपेट में आने से बच जाएंगे सो उम्मीद करती हूं यह वीडियो आपको बहुत हेल्प किया होगा इस वीडियो को सबके साथ शेयर कीए मैं मिलूंगी आपसे नेक्स्ट वीडियो में

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